हजरत अली की जरूरी बातें
किसी ने हजरत अली से पूछा कि दोस्त और भाई में क्या फर्क है हजरत अली ने फरमाया भाई सोना है और दोस्त हीरा है उस आदमी ने कहा कि आप ने भाई को कम कीमत पर और दोस्त को ज्यादा कीमती चीज से मिसाल क्यों दी.
तो हजरत अली ने फरमाया सोने में दरार आ जाय तो उसको पिघलाकर पहले जैसा बनाया जा सकता है और अगर हीरे मे एक बार दरार पड जाय तो वह कभी भी पहले जैसा नहीं बन सकता
- जाहिल के सामने अक्ल की बात मत करो पहले वह बहस करेगा फिर अपनी हार देखकर दुश्मन हो जायेगा.
- नमाज की फिक्र अपने ऊपर फर्ज करलो खुदा की कसम दुनिया की फिक्र से आजाद हो जाओगे और कामयाबी तुम्हारे कदम चूमेगी.
- नेक लोगो की सोहबत से हमेशा भलाई ही मिलती है क्योंकि हवा जब फूलों से गुजती है तो वह भी खुशबूदार हो जाती है.
- जब गुनाह के बावजूद अल्लाह की नेअमत तुम्हें मिलती रहे तो तुम होशियार हो जाना कि तुम्हारा हिसाब करीब और सख्त तर है
- अपने जिस्म को जरूरत से ज्यादा न सवारिये क्योंकि इसे तो मिट्टी में मिल जाना है सवारना हे तो अपनी रूह को सवारों क्योंकि इसे तुम्हारे रब के पास जाना है
- अगर कोई शख्स अपनी भूख मिटाने के लिए रोटी चोरी करे तो चोर के हाथ काटने के बजाय बादशाह के हाथ काटे जाय
- हमेशा समझौता करना सीखो क्योंकि थोड़ा सा झुक जाना किसी रिश्ते का हमेशा के लिए टूट जाने से बेहतर है
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